Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home3/indiaq2f/indiankitab.com/wp-includes/functions.php on line 6131
कहते हैं चमगादड़ कानों से देखते हैं - kahate hain chamagaadad kaanon se dekhate hain - Book
IndianKitab

कहते हैं चमगादड़ कानों से देखते हैं – kahate hain chamagaadad kaanon se dekhate hain – Book

Pages
22 Pages
File Size
189 KB
File Type
PDF PDF Document
Physical Form
आपको यह बुक पसंद है? [ 0 / 0 ]

पुस्तक सार

यह एक रोचक और ज्ञानवर्धक बाल-विज्ञान पुस्तक है। इसका शीर्षक एक आम धारणा पर आधारित है, जिसका वैज्ञानिक आधार ‘इकोलोकेशन’ (echolocation) है। पुस्तक में सरल और आकर्षक भाषा में यह समझाया गया होगा कि चमगादड़ वास्तव में अपनी आँखों से नहीं, बल्कि अपने मुँह से उच्च-आवृत्ति की ध्वनि तरंगें निकालकर और उनके परावर्तन को अपने कानों से सुनकर ‘देखते’ हैं। इसमें सुंदर चित्रों और उदाहरणों के माध्यम से चमगादड़ों के जीवन, उनकी आदतों, और उनके इस अद्भुत कौशल के पीछे के विज्ञान को प्रस्तुत किया गया होगा। यह बच्चों में प्रकृति और विज्ञान के प्रति जिज्ञासा जगाने वाली एक बेहतरीन पुस्तक है।

लेखकों और पुस्तकालयों का सहयोग करें। अगर आपको यह किताब पसंद आई है और आपके लिए संभव हो, तो इसकी एक प्रिंट कॉपी खरीदें या सीधे लेखक की आर्थिक मदद करें। आप अपने नज़दीकी पुस्तकालय में जाकर भी इस पुस्तक को मुफ़्त में पढ़ सकते हैं।

ज़रूरी सॉफ्टवेयर

इस ई-बुक को पढ़ने के लिए आपको एक रीडर ऐप की ज़रूरत होगी। आप मोबाइल के लिए ReadEra या कंप्यूटर के लिए Calibre जैसे फ्री ऐप इस्तेमाल कर सकते हैं।

फ़ॉर्मेट बदलना

क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।

ई-रीडर पर भेजें

आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।

कोई दिक्कत आ रही है?

चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।