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पर-दादी ने सुनाई मंडई दिन की कहानी - Par-Dadi Ne Sunayi Mandee Din Ki Kahani - Book
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पर-दादी ने सुनाई मंडई दिन की कहानी – Par-Dadi Ne Sunayi Mandee Din Ki Kahani – Book

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पुस्तक विवरण

वेर्डा क्रास की यह कहानी पीढ़ियों के बीच के प्रेम और यादों के आदान-प्रदान पर आधारित एक मार्मिक कृति है। कहानी में एक पर-दादी अपने पोते-पोतियों को अपने बचपन के ‘मंडई दिन’ (बाजार के दिन) की कहानी सुना रही हैं। उनकी कहानी के माध्यम से, बच्चे एक अलग समय की दुनिया में पहुँच जाते हैं, जब जीवन सरल था और बाजार जाना एक बड़ा उत्सव हुआ करता था। पर-दादी के जीवंत वर्णन से बच्चे उस दौर के माहौल, लोगों और छोटी-छोटी खुशियों का अनुभव करते हैं। यह कहानी न केवल मनोरंजन करती है, बल्कि यह पारिवारिक इतिहास के महत्व और बड़ों के अनुभवों से सीखने की प्रेरणा भी देती है।

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