Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home3/indiaq2f/indiankitab.com/wp-includes/functions.php on line 6170
पाँच गौरैया - एक जापानी लोक कथा - Panch Gauraiya - Ek Japani Lok Katha - Book
IndianKitab

पाँच गौरैया – एक जापानी लोक कथा – Panch Gauraiya – Ek Japani Lok Katha – Book

Pages
18 Pages
File Size
1954 KB
File Type
PDF PDF Document
Physical Form
आपको यह बुक पसंद है? [ 0 / 0 ]

पुस्तक विवरण

यह एक प्रसिद्ध जापानी लोक-कथा “जीभ-कटी गौरैया” (The Tongue-Cut Sparrow) का एक रूपांतरण हो सकती है। कहानी एक दयालु बूढ़े आदमी के बारे में है जो एक घायल गौरैया की देखभाल करता है। उसकी लालची पत्नी, गौरैया से ईर्ष्या करके, उसकी जीभ काट देती है। बूढ़ा आदमी अपनी प्यारी गौरैया को खोजने निकलता है और गौरैयों के घर पहुँचता है, जहाँ उसका भव्य स्वागत होता है। वापसी पर, वे उसे दो टोकरियों में से एक चुनने के लिए कहते हैं; वह छोटी वाली चुनता है, जो खजाने से भरी होती है। जब उसकी लालची पत्नी यह सुनती है, तो वह बड़ी टोकरी लाने जाती है, जिसमें राक्षस और सांप भरे होते हैं।

लेखकों और पुस्तकालयों का सहयोग करें। अगर आपको यह किताब पसंद आई है और आपके लिए संभव हो, तो इसकी एक प्रिंट कॉपी खरीदें या सीधे लेखक की आर्थिक मदद करें। आप अपने नज़दीकी पुस्तकालय में जाकर भी इस पुस्तक को मुफ़्त में पढ़ सकते हैं।

ज़रूरी सॉफ्टवेयर

इस ई-बुक को पढ़ने के लिए आपको एक रीडर ऐप की ज़रूरत होगी। आप मोबाइल के लिए ReadEra या कंप्यूटर के लिए Calibre जैसे फ्री ऐप इस्तेमाल कर सकते हैं।

फ़ॉर्मेट बदलना

क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।

ई-रीडर पर भेजें

आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।

कोई दिक्कत आ रही है?

चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।