इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह पुस्तक भारत की अनूठी न्यायिक संस्था ‘लोक अदालत’ की अवधारणा और कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालती है। ‘जनता की अदालत’ के रूप में, लोक अदालतें विवादों को सुलझाने का एक वैकल्पिक, त्वरित और सस्ता माध्यम प्रदान करती हैं, जो सुलह और समझौते के सिद्धांत पर काम करती हैं। यह कृति बताती है कि कैसे लोक अदालतें भारतीय न्याय प्रणाली पर बोझ कम करने और आम आदमी तक न्याय की पहुँच सुनिश्चित करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
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