इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
श्री रामनाथ ‘सुमन’ द्वारा रचित यह पुस्तक भारतीय समाज में नारी के महत्व और उसकी विभिन्न भूमिकाओं पर प्रकाश डालती है। लेखक ने नारी को ‘गृहलक्ष्मी’ (घर की देवी) और ‘कल्याणी’ (कल्याण करने वाली) के रूप में चित्रित किया है। इस ग्रंथ में एक आदर्श भारतीय नारी के गुणों, उसके कर्तव्यों, परिवार और समाज के निर्माण में उसके योगदान की विवेचना की गई है। यह पुस्तक पारंपरिक भारतीय दृष्टिकोण से स्त्रीत्व की महिमा का गुणगान करती है और महिलाओं को एक सम्मानजनक और महत्वपूर्ण भूमिका में प्रस्तुत करती है।
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