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बहुत ज़्यादा शोर! - Bahut Zyada Shor! - Book
IndianKitab

बहुत ज़्यादा शोर! – Bahut Zyada Shor! – Book

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18 Pages
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पुस्तक विवरण

यह एक प्रसिद्ध लोक-कथा का रूपांतरण है, जो विभिन्न संस्कृतियों में पाई जाती है। कहानी एक ऐसे किसान के बारे में है जो अपने घर में होने वाले ‘बहुत ज़्यादा शोर’ से परेशान है। वह एक बुद्धिमान व्यक्ति से सलाह लेता है। बुद्धिमान व्यक्ति उसे सलाह देता है कि वह अपनी मुर्गी, फिर अपनी बकरी, और फिर अपनी गाय को भी घर के अंदर ले आए। घर में शोर और भी बढ़ जाता है और किसान पागल होने लगता है। जब वह उन सभी जानवरों को एक-एक करके बाहर निकालता है, तो उसे अपना घर अचानक बहुत शांत और आरामदायक लगने लगता है। यह कहानी हमें यह सिखाती है कि हमें जो मिला है उसकी सराहना करनी चाहिए।

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