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ड्यूई: किताबघर में है एक बिल्ला - Dewey: Kitabghar Me Hai Ek Billa - Book
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ड्यूई: किताबघर में है एक बिल्ला – Dewey: Kitabghar Me Hai Ek Billa – Book

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पुस्तक विवरण

यह ड्यूई रीडमोर बुक्स नामक एक बिल्ली की हृदयस्पर्शी और सच्ची कहानी है। 1988 की एक बेहद ठंडी सुबह, स्पेंसर, आयोवा की पब्लिक लाइब्रेरी की लाइब्रेरियन विकी मायरोन को किताबों की वापसी-पेटी में एक छोटा, ठंड से कांपता हुआ बिल्ली का बच्चा मिला। उन्होंने उसे गोद ले लिया और उसका नाम ड्यूई रखा। ड्यूई जल्द ही उस लाइब्रेरी और पूरे शहर का दुलारा बन गया। वह लोगों को अपनी उपस्थिति से आराम देता, बच्चों के साथ खेलता और किताबों के ढेर पर सोता था। यह पुस्तक बताती है कि कैसे एक छोटी सी बिल्ली ने एक छोटे से शहर के लोगों के दिलों को जोड़ा और उन्हें खुशी दी।

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