इस पुस्तक के विषय
पुस्तक सार
गृहवास्तुप्रदीपः’ वास्तुशास्त्र पर एक ग्रंथ है, जो विशेष रूप से गृह निर्माण से संबंधित सिद्धांतों पर केंद्रित है। ‘प्रदीप’ का अर्थ है ‘दीपक’, जो यह दर्शाता है कि यह कृति घर बनाने की कला पर प्रकाश डालती है। इसमें भूखंड का चयन, भवन का अभिविन्यास (orientation), कमरों की सही दिशा, और निर्माण के लिए शुभ मुहूर्त जैसे विषयों का विस्तृत वर्णन होगा। हिंदी टीका सहित होने से मूल संस्कृत सिद्धांतों को आम लोगों के लिए समझना आसान हो जाता है, जिससे वे अपने घर का निर्माण वास्तु के नियमों के अनुसार कर सकें और सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त कर सकें।
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