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ग्वालिन और उसकी बाल्टी - Gwalin aur Uski Balti - Book
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ग्वालिन और उसकी बाल्टी – Gwalin aur Uski Balti – Book

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पुस्तक विवरण

यह ईसप की एक क्लासिक बोध-कथा है, जिसे “हवाई किले बनाना” (counting chickens before they hatch) की शिक्षा देने के लिए जाना जाता है। कहानी एक ‘ग्वालिन’ के बारे में है जो अपने सिर पर दूध की एक बाल्टी रखकर बाजार जा रही है। वह रास्ते में सपने देखने लगती है – वह दूध बेचेगी, उससे अंडे खरीदेगी, अंडों से चूजे निकलेंगे, जिन्हें बेचकर वह एक सुंदर पोशाक खरीदेगी, और सभी युवक उसकी प्रशंसा करेंगे। इस सपने में, वह गर्व से अपना सिर झटकती है, और दूध की बाल्टी नीचे गिरकर टूट जाती है, और उसके सारे सपने भी चकनाचूर हो जाते हैं।

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