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कबूतरों की भाषा - Kabootaron Ki Bhasha - Book
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कबूतरों की भाषा – Kabootaron Ki Bhasha – Book

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पुस्तक विवरण

यह एक ज्ञानवर्धक प्रकृति-पुस्तक हो सकती है जो कबूतरों के संचार के तरीकों पर केंद्रित है। यद्यपि कबूतर इंसानों की तरह नहीं बोलते, लेकिन वे विभिन्न तरीकों से ‘बात’ करते हैं। इस पुस्तक में यह समझाया गया होगा कि कैसे कबूतर अपनी शारीरिक मुद्राओं, पंखों के फड़फड़ाने, और विभिन्न प्रकार की ‘गुटर-गूं’ की आवाजों का उपयोग करके एक-दूसरे को संकेत भेजते हैं। इसमें उनके अद्भुत ‘होमिंग’ (घर लौटने की) वृत्ति और उनके द्वारा नेविगेट करने के तरीकों पर भी प्रकाश डाला जा सकता है। यह बच्चों को जानवरों के व्यवहार का सूक्ष्मता से अवलोकन करने और उसे समझने के लिए प्रेरित करती है।

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