इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
रामचन्द्र शुक्ल के विचारों पर आधारित यह पुस्तक कला, विशेष रूप से साहित्य, और उसमें उभर रही आधुनिक प्रवृत्तियों का आलोचनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करती है। आचार्य शुक्ल भारतीय साहित्य-समीक्षा के एक स्तंभ थे। यह ग्रंथ उनके मानदंडों के आधार पर आधुनिकता, यथार्थवाद, प्रतीकवाद और अन्य समकालीन कला आंदोलनों की समीक्षा कर सकता है। इसमें कला के उद्देश्य, सौंदर्य की अवधारणा और परंपरा और आधुनिकता के बीच संबंध जैसे विषयों पर गहन विचार शामिल हो सकते हैं। यह कला और साहित्य के गंभीर छात्रों के लिए एक वैचारिक कृति है।
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