इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह पुस्तक महात्मा गांधी के प्रसिद्ध उद्धरण “वह परिवर्तन बनें जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं” पर आधारित है, और इसे उनके पोते, अरुण गांधी, के दृष्टिकोण से बताया गया है। कहानी में, अरुण गांधी अपने ‘दादाजी’ के साथ बिताए गए अपने बचपन की यादों को साझा करते हैं। वह उन छोटी-छोटी घटनाओं और पाठों का वर्णन करते हैं जिनके माध्यम से गांधीजी ने उन्हें अहिंसा, सादगी, और आत्म-अनुशासन का महत्व सिखाया। यह गांधी के जीवन-दर्शन को एक बहुत ही व्यक्तिगत, पारिवारिक और बच्चों के लिए सुलभ तरीके से प्रस्तुत करती है, जो यह दिखाती है कि कैसे छोटे-छोटे व्यक्तिगत कार्य भी एक बड़े परिवर्तन की नींव रख सकते हैं।
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