Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home3/indiaq2f/indiankitab.com/wp-includes/functions.php on line 6170
पर्वतीय शिल्पकार - Parvatiya Shilpkaar - Book
IndianKitab

पर्वतीय शिल्पकार – Parvatiya Shilpkaar – Book

Pages
18 Pages
File Size
1196 KB
File Type
PDF PDF Document
Physical Form
आपको यह बुक पसंद है? [ 0 / 0 ]

पुस्तक विवरण

यह कहानी प्रसिद्ध रूसी लेखक पावेल बाज़होव के ‘यूराल की कथाओं’ (The Malachite Casket) के संग्रह से ली गई है। बाज़होव की कहानियाँ यूराल पर्वतों के खनिकों, शिल्पकारों और उनके लोक-विश्वासों पर आधारित होती हैं। यह कहानी संभवतः एक ऐसे प्रतिभाशाली ‘पर्वतीय शिल्पकार’ के बारे में है जो पत्थरों में जान डाल देता है। उसकी कला इतनी दिव्य है कि वह शायद ‘पहाड़ों की रानी’ जैसी किसी पौराणिक शक्ति का ध्यान आकर्षित करती है। यह कृति शिल्प के प्रति समर्पण, कला की रहस्यमयी शक्ति और मनुष्य तथा प्रकृति के बीच के गहरे, जादुई संबंध का एक अद्भुत और काव्यात्मक चित्रण है।

लेखकों और पुस्तकालयों का सहयोग करें। अगर आपको यह किताब पसंद आई है और आपके लिए संभव हो, तो इसकी एक प्रिंट कॉपी खरीदें या सीधे लेखक की आर्थिक मदद करें। आप अपने नज़दीकी पुस्तकालय में जाकर भी इस पुस्तक को मुफ़्त में पढ़ सकते हैं।

ज़रूरी सॉफ्टवेयर

इस ई-बुक को पढ़ने के लिए आपको एक रीडर ऐप की ज़रूरत होगी। आप मोबाइल के लिए ReadEra या कंप्यूटर के लिए Calibre जैसे फ्री ऐप इस्तेमाल कर सकते हैं।

फ़ॉर्मेट बदलना

क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।

ई-रीडर पर भेजें

आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।

कोई दिक्कत आ रही है?

चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।