इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह एक सच्ची घटना पर आधारित एक आकर्षक ऐतिहासिक बाल-कहानी है। कहानी 19वीं सदी के ‘पायनियर’ (अग्रणी) युग की है, जब परिवार पश्चिम की ओर जा रहे थे। यह एक ऐसे भालू के बच्चे की कहानी हो सकती है जिसे एक पायनियर परिवार ने गोद ले लिया था और वह उनके साथ बड़ा हुआ। कहानी में उस भालू के परिवार के सदस्य के रूप में उनके जीवन के मजेदार और मार्मिक क्षणों का वर्णन होगा। यह मनुष्य और जंगली जानवर के बीच एक अप्रत्याशित बंधन को दर्शाती है और उस युग के जीवन की एक अनूठी झलक प्रस्तुत करती है।
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