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सूरज को कोई खा रहा है! - Suraj ko Koi Kha Raha Hai! - Book
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सूरज को कोई खा रहा है! – Suraj ko Koi Kha Raha Hai! – Book

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पुस्तक विवरण

यह सूर्य ग्रहण की खगोलीय घटना पर एक बाल-पुस्तक है, जिसे एक मनोरंजक और कहानी के रूप में प्रस्तुत किया गया है। शीर्षक एक बच्चे की उस भोली धारणा को दर्शाता है कि कोई राक्षस ‘सूरज को खा रहा है’। पुस्तक में एक बुद्धिमान माता-पिता या शिक्षक इस मिथक को तोड़ते हैं और सरल डायग्राम के माध्यम से समझाते हैं कि वास्तव में चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ रहा है, जिससे सूर्य अस्थायी रूप से छिप जाता है। यह प्राचीन संस्कृतियों में ग्रहण से जुड़ी पौराणिक कथाओं (जैसे- राहु और केतु की कहानी) का भी उल्लेख कर सकती है। यह विज्ञान को कहानी कहने की कला के साथ खूबसूरती से जोड़ती है।

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