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स्वातंत्रयोत्तर काल में जालौन जनपद में जनसंख्या वृद्धि का कृषि विकास पर प्रभाव: एक भौगोलिक अध्ययन - Swantratyor Kal Me Jaloun Janpad May Janshankshya Bridhi Ka Krishi Vikas Par Prbhav: Ek Bhougolik adhyayn - Book
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स्वातंत्रयोत्तर काल में जालौन जनपद में जनसंख्या वृद्धि का कृषि विकास पर प्रभाव: एक भौगोलिक अध्ययन – Swantratyor Kal Me Jaloun Janpad May Janshankshya Bridhi Ka Krishi Vikas Par Prbhav: Ek Bhougolik adhyayn – Book

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पुस्तक विवरण

यह एक अकादमिक शोध-प्रबंध (Ph.D. Thesis) है, जो ‘एक भौगोलिक अध्ययन’ है। इसमें ‘स्वतंत्रता के बाद’ उत्तर प्रदेश के ‘जालौन जिले’ में ‘जनसंख्या वृद्धि’ का ‘कृषि विकास’ पर पड़ने वाले ‘प्रभाव’ का विश्लेषण किया गया है। यह शोध भूमि उपयोग, फसल पैटर्न, और कृषि उत्पादकता पर बढ़ती जनसंख्या के दबाव की जांच करता है। यह क्षेत्रीय योजना और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण शोध कार्य है।

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