इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
“तीन तीसमारखाँ” एक हास्यपूर्ण लोक-कथा है। ‘तीसमारखाँ’ एक ऐसे व्यक्ति के लिए एक मुहावरेदार शब्द है जो खुद को बहुत बहादुर और शक्तिशाली समझता है, लेकिन वास्तव में डरपोक या मूर्ख होता है। कहानी तीन ऐसे ही शेखी बघारने वाले दोस्तों के बारे में है जो अपनी बहादुरी के झूठे किस्से सुनाते हैं। एक दिन, जब उन्हें वास्तव में किसी छोटी सी चुनौती (जैसे- एक चूहे या एक परछाई) का सामना करना पड़ता है, तो उनकी सारी बहादुरी हवा हो जाती है और वे डरकर भाग जाते हैं। यह कहानी ढोंग और सच्ची बहादुरी के बीच के अंतर पर एक मजेदार व्यंग्य है।
फ़ॉर्मेट बदलना
क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।
ई-रीडर पर भेजें
आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।
कोई दिक्कत आ रही है?
चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।