इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
युकिओ त्सुचिया की यह एक हृदय-विदारक और सच्ची कहानी है, जो द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान टोक्यो के उएनो चिड़ियाघर में घटी थी। जब मित्र राष्ट्रों द्वारा बमबारी का खतरा बढ़ा, तो सेना ने आदेश दिया कि खतरनाक जानवरों को मार दिया जाए ताकि वे भागकर कोई नुकसान न पहुँचा सकें। चिड़ियाघर के रखवाले, जो अपने जानवरों से बहुत प्यार करते थे, भारी मन से इस आदेश का पालन करते हैं। लेकिन वे अपने प्रिय हाथियों को मारने का साहस नहीं जुटा पाते। यह कहानी उन हाथियों की वफादारी और उनके रखवालों के गहरे दुःख और विवशता का एक अविस्मरणीय और मार्मिक चित्रण है, जो युद्ध की क्रूरता और निरर्थकता को उजागर करती है।
फ़ॉर्मेट बदलना
क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।
ई-रीडर पर भेजें
आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।
कोई दिक्कत आ रही है?
चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।