इस पुस्तक के विषय
पुस्तक सार
यह पुस्तक परमार वंश के महान शासक, विद्वान, और कला-संरक्षक राजा भोज के जीवन और उनके युग पर आधारित एक ऐतिहासिक कृति है। यह उनकी जीवनी, एक ऐतिहासिक उपन्यास, या उनके शासनकाल का एक अध्ययन हो सकता है। इसमें राजा भोज की राजनीतिक और सैन्य उपलब्धियों के साथ-साथ साहित्य, वास्तुशिल्प (जैसे- भोजपुर का शिव मंदिर), और विज्ञान के क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व योगदान का वर्णन किया गया होगा। राजा भोज स्वयं एक प्रकांड विद्वान थे और उन्होंने विभिन्न विषयों पर अनेक ग्रंथों की रचना की। यह पुस्तक भारतीय इतिहास के उस ‘स्वर्ण युग’ के एक नायक की कहानी प्रस्तुत करती है, जो शौर्य और ज्ञान का अनूठा संगम था।
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