इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह पुस्तक भगवान विष्णु के छठे अवतार, भगवान परशुराम के जीवन और चरित्र पर केंद्रित एक कृति है। यह एक पौराणिक उपन्यास या एक चरित्र-अध्ययन हो सकता है। इसमें उनके जन्म, जमदग्नि ऋषि के आश्रम में शिक्षा, पिता की आज्ञा पर माता का वध, सहस्त्रार्जुन द्वारा उनके पिता की हत्या का प्रतिशोध और इक्कीस बार पृथ्वी को क्षत्रिय-विहीन करने की उनकी प्रतिज्ञा का वर्णन हो सकता है। यह ग्रंथ परशुराम के क्रोधी स्वभाव के साथ-साथ उनके तप, त्याग और धर्म की स्थापना के प्रयासों को भी उजागर करता है।
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