इस पुस्तक के विषय
पुस्तक सार
यह पुस्तक एक मौलिक दार्शनिक और आध्यात्मिक प्रश्न पर केंद्रित है: “इस जगत का रचयिता कौन है?”। इसमें लेखक ने ईश्वर के अस्तित्व और सृष्टि की रचना से संबंधित विभिन्न दार्शनिक और धार्मिक दृष्टिकोणों की विवेचना की होगी। इसमें सांख्य दर्शन के प्रकृति-पुरुष सिद्धांत, न्याय-वैशेषिक के ईश्वरवाद, वेदांत के ब्रह्मवाद, और चार्वाक जैसे नास्तिक दर्शनों के विचारों का तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत किया जा सकता है। पुस्तक का उद्देश्य किसी एक उत्तर को थोपना नहीं, बल्कि पाठकों को इस गहन प्रश्न पर विभिन्न दृष्टिकोणों से सोचने, तर्क करने और अपनी समझ विकसित करने के लिए एक बौद्धिक आधार प्रदान करना है।
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