इस पुस्तक के विषय
पुस्तक सार
“बुद्धचरितम्” महाकवि अश्वघोष द्वारा रचित एक प्रसिद्ध संस्कृत महाकाव्य है, जिसमें भगवान बुद्ध के जीवन का काव्यात्मक वर्णन है। यह उस महाकाव्य का दूसरा भाग है। जहाँ पहले भाग में बुद्ध के जन्म, युवावस्था, महाभिनिष्क्रमण (गृह-त्याग), और ज्ञान-प्राप्ति तक की घटनाओं का वर्णन होता है, वहीं इस दूसरे भाग में संभवतः उनके धर्म-चक्र-प्रवर्तन (पहला उपदेश), उनके प्रमुख शिष्यों, उनकी शिक्षाओं के प्रसार, और उनके महापरिनिर्वाण तक की कथा का चित्रण किया गया होगा। अश्वघोष की शैली अत्यंत परिष्कृत और काव्यमय है, जो बुद्ध के जीवन को एक प्रेरणादायक और भावनात्मक गाथा के रूप में प्रस्तुत करती है।
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