इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
गौतम मुनि द्वारा रचित ‘न्यायसूत्र’, भारतीय दर्शन के न्याय स्कूल का आधारभूत ग्रंथ है। यह ग्रंथ तर्क, प्रमाण और ज्ञान मीमांसा पर केंद्रित है। इसमें सही ज्ञान प्राप्त करने के सोलह पदार्थों का विस्तृत विवेचन किया गया है, जिनमें प्रमाण, प्रमेय, संशय आदि शामिल हैं। न्यायसूत्र सही तर्क और वाद-विवाद की एक व्यवस्थित पद्धति प्रदान करता है, जिससे सत्य और असत्य के बीच भेद किया जा सके। यह भारतीय तर्कशास्त्र और दर्शनशास्त्र के अध्ययन के लिए एक अनिवार्य और मौलिक कृति है।
फ़ॉर्मेट बदलना
क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।
ई-रीडर पर भेजें
आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।
कोई दिक्कत आ रही है?
चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।