इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह पुस्तक पंडित टोडरमल जी द्वारा रचित जैन दर्शन के एक महत्वपूर्ण ग्रंथ ‘मोक्षमार्ग प्रकाशक’ के सातवें अधिकार पर केंद्रित है। यह ग्रंथ जैन सिद्धांतों और मोक्ष (मुक्ति) प्राप्त करने के मार्ग की विस्तृत और तर्कसंगत व्याख्या करता है। सातवाँ अधिकार संभवतः सम्यक् दर्शन, ज्ञान और चारित्र (रत्नत्रय) के किसी विशिष्ट पहलू या मिथ्यात्व (गलत विश्वास) के विश्लेषण से संबंधित है। यह जैन धर्म के गंभीर छात्रों और आध्यात्मिक पथ पर चलने वालों के लिए एक गहन और आधिकारिक मार्गदर्शिका है।
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