इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह पुस्तक 19वीं और 20वीं शताब्दी में हुए ‘भारतीय नवजागरण’ (Indian Renaissance) के इतिहास का एक विस्तृत अध्ययन प्रस्तुत करती है। इसमें राजा राम मोहन राय, स्वामी दयानन्द सरस्वती, स्वामी विवेकानन्द और अन्य महान विचारकों और समाज सुधारकों के योगदान का वर्णन है, जिन्होंने भारतीय समाज में व्याप्त कुरीतियों जैसे सती प्रथा, जातिवाद और अंधविश्वास के खिलाफ आवाज उठाई। यह पुस्तक उस वैचारिक और सामाजिक क्रांति की पड़ताल करती है जिसने आधुनिक भारत की नींव रखी।
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