इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह पुस्तक भारत के स्वतंत्रता संग्राम के प्रतीक ‘खादी’ के इतिहास और उसके पीछे के दर्शन की कहानी बताती है। इसमें महात्मा गाँधी द्वारा खादी को आत्मनिर्भरता, स्वाभिमान और आर्थिक स्वतंत्रता के एक शक्तिशाली हथियार के रूप में अपनाने के विचार को समझाया गया है। पुस्तक में चरखे के महत्व, खादी आंदोलन के विकास और भारतीय जन-जीवन पर इसके प्रभाव का रोचक वर्णन है। यह सिर्फ एक कपड़े की कहानी नहीं, बल्कि भारत की आजादी के संघर्ष की एक प्रेरणादायक गाथा है।
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