इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह पुस्तक भारत में पुस्तकालयों (Libraries) के इतिहास, उनके उद्भव और विकास-यात्रा पर एक विस्तृत और ज्ञानवर्धक ग्रंथ है। इसमें प्राचीन काल के नालंदा और तक्षशिला जैसे ज्ञान-केंद्रों से लेकर मध्यकाल और फिर ब्रिटिश शासन के दौरान तथा स्वतंत्रता के बाद भारत में पुस्तकालय आंदोलन के विकास का क्रमबद्ध वर्णन है। यह कृति पुस्तकालय विज्ञान के छात्रों और उन सभी पुस्तक-प्रेमियों के लिए महत्वपूर्ण है जो भारत की ज्ञान-परंपरा और साक्षरता के प्रसार में पुस्तकालयों की भूमिका को समझना चाहते हैं।
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