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न्याय-वैशेषिक दर्शन की सम्मिश्रित प्रक्रिया में रचित प्रमुख ग्रन्थों का समीक्षात्मक अध्ययन - Nyay-Vaisheshik Darshan Ki Sammishrit Prakriya Me Rachit Pramukh Granthon ka samikshatmak Adhyayan - Book
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न्याय-वैशेषिक दर्शन की सम्मिश्रित प्रक्रिया में रचित प्रमुख ग्रन्थों का समीक्षात्मक अध्ययन – Nyay-Vaisheshik Darshan Ki Sammishrit Prakriya Me Rachit Pramukh Granthon ka samikshatmak Adhyayan – Book

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पुस्तक विवरण

यह भारतीय दर्शन पर एक उच्च स्तरीय अकादमिक शोध-प्रबंध है। इसमें ‘न्याय’ (तर्कशास्त्र) और ‘वैशेषिक’ (तत्वमीमांसा) दर्शनों की ‘सम्मिश्रित प्रक्रिया’, जिसमें दोनों दर्शन एक होकर नव्य-न्याय के रूप में विकसित हुए, का अध्ययन किया गया है। यह इस संयुक्त परंपरा में रचे गए ‘प्रमुख ग्रंथों’ (जैसे तर्कसंग्रह) का ‘समीक्षात्मक अध्ययन’ प्रस्तुत करता है। यह भारतीय दर्शन के इतिहास और उसके विकास का एक गहन विश्लेषण है।

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