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श्री प्रवचनसार - Shri Pravachansar - Book
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श्री प्रवचनसार – Shri Pravachansar – Book

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पुस्तक विवरण

आचार्य कुन्दकुन्द द्वारा रचित ‘प्रवचनसार’ दिगंबर जैन परंपरा का एक सर्वोच्च और मौलिक दार्शनिक ग्रंथ है। इसमें ज्ञान, ज्ञेय (जानने योग्य पदार्थ) और चारित्र (आचरण) इन तीन तत्वों का सार रूप में विवेचन है। यह ग्रंथ बताता है कि शुद्ध आत्मा का ज्ञान ही सच्चा ज्ञान है और उसी में रमण करना ही सच्चा चरित्र है। यह कृति साधकों को बाहरी क्रियाओं से हटकर अपनी आत्मा के शुद्ध स्वरूप को जानने और उसी में लीन होने का मार्ग दिखाती है।

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