इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
डॉ. नगेन्द्र द्वारा संपादित या लिखित यह ग्रंथ ‘स्वतंत्रता के बाद’ हिंदी आलोचना के विकास और उसकी विभिन्न प्रवृत्तियों का एक प्रामाणिक और विस्तृत विश्लेषण है। इसमें नई समीक्षा, मार्क्सवादी आलोचना, मनोवैज्ञानिक आलोचना और अन्य प्रमुख आलोचना-पद्धतियों का परिचय दिया गया है। साथ ही, इस दौर के प्रमुख आलोचकों (जैसे- हजारी प्रसाद द्विवेदी, रामविलास शर्मा, नामवर सिंह) के योगदान का मूल्यांकन किया गया है। यह हिंदी आलोचना के अध्येताओं के लिए एक मानक ग्रंथ है।
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