इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह पुस्तक ‘जैन दर्शन’ का ‘सार’ प्रस्तुत करती है। पंडित चैनसुखदास जी जैसे न्यायतीर्थ विद्वान द्वारा लिखित, यह कृति जैन दर्शन के विशाल और गहन सिद्धांतों को संक्षिप्त और सारगर्भित रूप में प्रस्तुत करती है। इसमें जीव-अजीव, कर्म, अनेकांतवाद, और मोक्ष मार्ग जैसे विषयों के मूल तत्वों को तर्क और स्पष्टता के साथ समझाया गया है। यह उन लोगों के लिए एक उत्कृष्ट प्रवेशिका है जो जैन दर्शन का व्यवस्थित और प्रामाणिक परिचय प्राप्त करना चाहते हैं।
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