इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
बोधसार’ अर्थात ‘ज्ञान का सार’, यह श्री नरहरि द्वारा रचित अद्वैत वेदांत का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है। इसमें विभिन्न विषयों पर आधारित कई छोटे-छोटे प्रकरण हैं, जिनमें शिष्य को आत्म-ज्ञान और ब्रह्म-ज्ञान का सार सरल और प्रभावी ढंग से समझाया गया है। यह वेदांत के जटिल सिद्धांतों को सुलभ बनाने और साधकों को आत्म-साक्षात्कार के मार्ग पर मार्गदर्शन करने के लिए प्रसिद्ध है। यह अद्वैत वेदांत के साधकों के लिए एक उपयोगी और सारगर्भित कृति है।
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