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जेल में मेरा जैनाभ्यास [भाग 1] - Jail Me Mera Jainabhyas [Bhag 1] - Book
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जेल में मेरा जैनाभ्यास [भाग 1] – Jail Me Mera Jainabhyas [Bhag 1] – Book

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पुस्तक विवरण

यह प्रसिद्ध जैन विद्वान पंडित सुखलालजी द्वारा लिखित एक अनूठी आत्मकथात्मक कृति का पहला भाग है। इसमें उन्होंने अपनी जेल-यात्रा के दौरान किए गए जैन शास्त्रों के ‘अभ्यास’ यानी अध्ययन और चिंतन का वर्णन किया है। यह पुस्तक दर्शाती है कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी स्वाध्याय और आत्म-चिंतन के माध्यम से आध्यात्मिक उन्नति की जा सकती है। यह ज्ञान और धैर्य की एक प्रेरणादायक गाथा है।

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