इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह पुस्तक ‘स्वनामधन्य’ (अपने नाम को सार्थक करने वाले) पं. अंबिकादत्त व्यास के संपूर्ण ‘व्यक्तित्व’ और ‘कृतित्व’ (साहित्यिक रचनाओं) पर एक विस्तृत अध्ययन है। व्यास जी भारतेंदु युग के एक प्रमुख साहित्यकार थे, जो अपनी बहुमुखी प्रतिभा के लिए जाने जाते थे। इस कृति में उनके जीवन, उनके द्वारा रचित उपन्यासों (जैसे- आश्चर्य वृत्तांत), नाटकों, और काव्य का आलोचनात्मक मूल्यांकन प्रस्तुत किया गया है।
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