इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
श्रीमद खिलानन्द द्वारा रचित ‘दयानन्ददिग्विजयम्’ आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानन्द सरस्वती के जीवन और उनके विचारों पर आधारित एक संस्कृत महाकाव्य है। ‘दिग्विजय’ का अर्थ है विचारों की विजय। इस महाकाव्य में स्वामी दयानन्द के पाखंड-खंडन, वेदों के प्रचार, शास्त्रार्थों में उनकी विजय और समाज सुधार के उनके कार्यों का काव्यात्मक शैली में वर्णन किया गया है। यह कृति न केवल स्वामी दयानन्द के प्रति एक श्रद्धांजलि है, बल्कि आधुनिक युग में रचित संस्कृत महाकाव्य का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी है।
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