इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह महर्षि पतंजलि द्वारा रचित ‘योगसूत्र’ पर आधारित एक प्रामाणिक संस्करण है, जिसे ‘पातंजल दर्शन’ भी कहते हैं। इसमें पतंजलि के मूल योगसूत्रों के साथ-साथ उन पर महर्षि व्यास द्वारा लिखा गया सबसे प्राचीन और महत्वपूर्ण ‘भाष्य’, तथा उस भाष्य पर वाचस्पति मिश्र की प्रसिद्ध टीका ‘तत्त्ववैशारदी’ भी शामिल हो सकती है। यह राजयोग के सिद्धांत और अभ्यास को समझने के लिए सबसे मौलिक और पूर्ण ग्रंथ है।
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