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निजात्मशुद्धि भावना और मोक्षमार्गप्रदीप - Nijaatmashuddhi Bhavna Aur Mokshamarga Pradeep - Book
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निजात्मशुद्धि भावना और मोक्षमार्गप्रदीप – Nijaatmashuddhi Bhavna Aur Mokshamarga Pradeep – Book

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पुस्तक विवरण

आचार्य कुंथुसागरजी महाराज द्वारा रचित यह पुस्तक दो आध्यात्मिक विषयों पर केंद्रित है। पहला भाग, ‘निजात्मशुद्धि भावना’, अपनी आत्मा को कर्म-मल से रहित कर शुद्ध करने के चिंतन या भावना पर जोर देता है। दूसरा भाग, ‘मोक्षमार्गप्रदीप’, मोक्ष के मार्ग को प्रकाशित करने वाले दीपक के समान है। इसमें सम्यक् दर्शन, ज्ञान और चारित्र रूपी मोक्षमार्ग का स्पष्ट विवेचन किया गया है। यह कृति साधकों को आत्म-चिंतन और आत्म-शुद्धि के माध्यम से मुक्ति का मार्ग दिखाती है, जो जैन अध्यात्म का मूल सार है।

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