इस पुस्तक के विषय
पुस्तक सार
यह महादेवभाई देसाई की प्रसिद्ध डायरी का तीसरा खंड है। महादेवभाई लगभग 25 वर्षों तक महात्मा गांधी के निजी सचिव और करीबी सहयोगी रहे। उन्होंने लगभग प्रतिदिन गांधीजी के जीवन, उनकी बातचीत, बैठकों, पत्रों और विचारों को अपनी डायरी में दर्ज किया। यह डायरी गांधीजी के जीवन और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को सबसे करीब से देखने का एक अद्वितीय और प्रामाणिक स्रोत है। यह केवल एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि गांधीजी के व्यक्तित्व, उनकी कार्यशैली और उनके आध्यात्मिक पक्ष की एक गहरी झलक भी प्रस्तुत करती है।
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