इस पुस्तक के विषय
पुस्तक सार
चंदामामा’ पत्रिका का अक्टूबर 1961 का यह अंक भारतीय बाल साहित्य के एक क्लासिक युग का प्रतिनिधित्व करता है। इस अंक में बच्चों को भारतीय संस्कृति और मूल्यों से जोड़ने वाली सामग्री शामिल है। इसमें संभवतः विक्रम और बेताल की धारावाहिक कहानी, पुराणों और पंचतंत्र की कथाएं, विभिन्न देशों की लोककथाएं, और सामान्य ज्ञान पर आधारित लेख होंगे, जो सभी सुंदर और विशिष्ट शैली के चित्रों से सजे होंगे। यह अंक उस समय के बच्चों के लिए मनोरंजन और शिक्षा का एक प्रमुख स्रोत था।
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