इस पुस्तक के विषय
पुस्तक सार
यह पुस्तक 19वीं सदी के महान भारतीय समाज सुधारक, विचारक और लेखक जोतिबा फुले के जीवन और कार्यों पर आधारित एक जीवनी है। इस कृति में फुले द्वारा भारतीय समाज में व्याप्त जाति-व्यवस्था, छुआछूत और लैंगिक असमानता के खिलाफ किए गए अथक संघर्षों का विस्तृत वर्णन है। इसमें उनके द्वारा महिलाओं और निचली जातियों के लिए शिक्षा के द्वार खोलने, विशेष रूप से 1848 में अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले के साथ भारत में लड़कियों के लिए पहला स्कूल स्थापित करने के क्रांतिकारी कार्य पर प्रकाश डाला गया है। यह पुस्तक फुले के प्रगतिशील विचारों और एक समतामूलक समाज के निर्माण में उनके अमूल्य योगदान को श्रद्धांजलि अर्पित करती है।
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