इस पुस्तक के विषय
पुस्तक सार
यह पुस्तक भारत के स्वतंत्रता संग्राम में राजस्थान के महत्वपूर्ण योगदान का एक विस्तृत ऐतिहासिक विवरण प्रस्तुत करती है। इसमें 1857 के विद्रोह में नसीराबाद और कोटा जैसी छावनियों की भूमिका से लेकर बिजोलिया किसान आंदोलन, प्रजामंडल आंदोलनों और अर्जुनलाल सेठी, केसरी सिंह बारहठ जैसे क्रांतिकारियों के बलिदान तक की गाथाओं को शामिल किया गया है। पुस्तक में राजस्थान के रजवाड़ों की बदलती भूमिका और आम जनता की बढ़ती राजनीतिक चेतना का विश्लेषण किया गया है। यह उन सभी गुमनाम नायकों और घटनाओं को याद करती है जिन्होंने राजस्थान की धरती से आजादी की लड़ाई को मजबूत किया। यह क्षेत्रीय इतिहास का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है।
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