इस पुस्तक के विषय
पुस्तक सार
आनन्दमठ’ बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा 1882 में लिखा गया एक ऐतिहासिक और राष्ट्रवादी उपन्यास है। यह 18वीं सदी के संन्यासी विद्रोह की पृष्ठभूमि पर आधारित है। उपन्यास की कहानी संन्यासियों के एक समूह के इर्द-गिर्द घूमती है जो ‘आनन्दमठ’ नामक एक मठ में रहते हैं और विदेशी शासन के खिलाफ मातृभूमि को मुक्त कराने के लिए संघर्ष करते हैं। इसी उपन्यास में भारत का राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ भी शामिल है, जो स्वतंत्रता संग्राम के दौरान क्रांतिकारियों के लिए प्रेरणा का एक प्रमुख स्रोत बन गया। ‘आनन्दमठ’ भारतीय राष्ट्रवाद की भावना को जगाने वाले सबसे प्रभावशाली साहित्यिक कृतियों में से एक माना जाता है।
फ़ॉर्मेट बदलना
क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।
ई-रीडर पर भेजें
आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।
कोई दिक्कत आ रही है?
चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।