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शास्त्रवाद बनाम बुद्धिवाद - Shastra Vaad Banaam Buddhi Vaad - Book
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शास्त्रवाद बनाम बुद्धिवाद – Shastra Vaad Banaam Buddhi Vaad – Book

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29 Pages
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पुस्तक सार

यह पुस्तक दो प्रमुख वैचारिक दृष्टिकोणों – शास्त्रवाद (परंपरा और धर्मग्रंथों की सत्ता को मानना) और बुद्धिवाद (तर्क और विवेक को सर्वोच्च मानना) – के बीच के टकराव और संवाद पर एक गहन विश्लेषण प्रस्तुत करती है। इसमें लेखक ने यह पड़ताल की होगी कि ज्ञान का अंतिम स्रोत क्या है – क्या हमें शास्त्रों में लिखी बातों को बिना प्रश्न किए स्वीकार कर लेना चाहिए, या हर मान्यता को तर्क की कसौटी पर कसना चाहिए? पुस्तक में भारतीय और पाश्चात्य दर्शन के संदर्भों का उपयोग करते हुए दोनों पक्षों के तर्कों और उनकी सीमाओं की विवेचना की गई होगी। यह पाठकों को अंधविश्वास और हठधर्मिता से ऊपर उठकर एक संतुलित और विवेकपूर्ण जीवन दृष्टि विकसित करने के लिए प्रेरित करती है।

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