इस पुस्तक के विषय
पुस्तक सार
“अधिकरणकौमुदी” पूर्व मीमांसा दर्शन का एक प्रकरण-ग्रंथ है। ‘अधिकरण’ मीमांसा शास्त्र की एक विशिष्ट विश्लेषण-पद्धति है, जिसमें किसी वैदिक विषय को पांच अंगों (विषय, संशय, पूर्वपक्ष, उत्तरपक्ष, और सिद्धांत) के माध्यम से विश्लेषित किया जाता है। ‘कौमुदी’ का अर्थ है ‘चांदनी’, जो विषय को प्रकाशित करती है। इस ग्रंथ में मीमांसा दर्शन के प्रमुख अधिकरणों को सरल और व्यवस्थित रूप में समझाया गया है, ताकि छात्र उन्हें आसानी से समझ सकें। यह मूल-ग्रंथों (जैसे- जैमिनि सूत्र और शाबर भाष्य) के अध्ययन से पहले एक प्रवेशिका के रूप में कार्य करता है। यह मीमांसा के तार्किक और व्याख्यात्मक ढांचे को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण कृति है।
फ़ॉर्मेट बदलना
क्या आपको यह फ़ाइल किसी दूसरे फ़ॉर्मेट में चाहिए? इसके लिए आप iLovePDF का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो एक बहुत अच्छा ऑनलाइन टूल है।
ई-रीडर पर भेजें
आप Amazon की “Send to Kindle” जैसी फ्री सर्विस का इस्तेमाल करके आसानी से फ़ाइल को अपने डिवाइस पर भेज सकते हैं।
कोई दिक्कत आ रही है?
चेक करें कि आपके ई-रीडर का सॉफ्टवेयर अपडेटेड है। यदि फ़ाइल खराब हो या न खुले, तो कृपया उसे पुनः डाउनलोड करें। फिर भी समस्या हो तो हमसे संपर्क करें।