इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह पुस्तक ‘अहिंसा परमो धर्मः’ (अहिंसा ही परम धर्म है) के महान सिद्धांत पर एक गहन विवेचन प्रस्तुत करती है। इसमें अहिंसा की अवधारणा को केवल शारीरिक हिंसा न करने तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि मन, वचन और कर्म से किसी भी प्राणी को कष्ट न पहुँचाने के रूप में उसकी व्यापक व्याख्या की गई है। यह महात्मा गांधी, भगवान महावीर और भगवान बुद्ध जैसे महापुरुषों के जीवन और शिक्षाओं के माध्यम से अहिंसा के व्यावहारिक और आध्यात्मिक पहलुओं पर प्रकाश डालती है।
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