इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह पुस्तक भारतीय कला के विशाल परिदृश्य में बिहार के अनूठे और महत्वपूर्ण योगदान का एक ऐतिहासिक और कलात्मक विश्लेषण है। इसमें मौर्यकालीन कला, पटना कलम, मधुबनी चित्रकला, और पाल शैली की मूर्तिकला जैसी बिहार की प्रसिद्ध कला-परंपराओं का विस्तृत वर्णन है। लेखक ने यह दर्शाया है कि कैसे बिहार ने न केवल अपनी एक विशिष्ट कलात्मक पहचान बनाई, बल्कि भारतीय कला को भी समृद्ध किया। यह कला-प्रेमियों और इतिहासकारों के लिए एक गौरवपूर्ण और ज्ञानवर्धक कृति है।
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