इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
यह 19वीं सदी के धार्मिक शास्त्रार्थों की परंपरा का एक ग्रंथ है। इसका शीर्षक है – ‘दयानन्द के कुतर्कों रूपी अंधकार के लिए सूर्य’। यह प्रसिद्ध जैन आचार्य विजयानंद सूरि द्वारा स्वामी दयानन्द सरस्वती के विचारों के खंडन में लिखा गया था। इस पुस्तक में लेखक ने जैन दृष्टिकोण से स्वामी दयानन्द की वेद-व्याख्या और उनकी अन्य मान्यताओं की तार्किक और शास्त्रीय समीक्षा कर उन्हें ‘कुतर्क’ सिद्ध करने का प्रयास किया है।
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