इस पुस्तक के विषय
पुस्तक सार
यह पुस्तक आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा किए गए प्रसिद्ध शास्त्रार्थों (धार्मिक बहसों) का एक संग्रह है। स्वामी दयानंद ने अपने वैदिक सिद्धांतों को स्थापित करने और मूर्तिपूजा, अवतारवाद, और पुराणों की प्रामाणिकता जैसे विषयों पर पारंपरिक पंडितों को चुनौती देने के लिए पूरे भारत में शास्त्रार्थ किए। इस संग्रह में उन बहसों का शब्दशः विवरण शामिल है। ‘विशेष शंका-समाधान’ खंड में उनके द्वारा विभिन्न धार्मिक और दार्शनिक प्रश्नों के दिए गए उत्तरों को संकलित किया गया है, जो उनके विचारों को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करते हैं।
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