इस पुस्तक के विषय
पुस्तक सार
यह पुस्तक दिल्ली के कुतुब मीनार परिसर में स्थित विश्व प्रसिद्ध लौह स्तंभ के रहस्यों और उसके वैज्ञानिक महत्व पर केंद्रित है। यह स्तंभ लगभग 1600 वर्ष पुराना होने के बावजूद आज तक जंग लगने से लगभग पूरी तरह मुक्त है, जो प्राचीन भारतीय धातु-शिल्पियों की असाधारण कुशलता का एक जीता-जागता प्रमाण है। इस पुस्तक में स्तंभ के इतिहास (चंद्रगुप्त द्वितीय से इसका संबंध), इसकी बनावट में प्रयुक्त धातु का विश्लेषण, और इसके जंग-प्रतिरोधी होने के पीछे के वैज्ञानिक कारणों की विस्तृत और सरल भाषा में विवेचना की गई होगी। यह भारत की गौरवशाली वैज्ञानिक विरासत का एक अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करती है।
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