इस पुस्तक के विषय
पुस्तक विवरण
आचार्य परमानन्दन शास्त्री के भाष्य सहित, यह पुस्तक बौद्ध धर्म के सबसे पवित्र और लोकप्रिय ग्रंथों में से एक ‘धम्मपद’ को प्रस्तुत करती है। ‘धम्मपद’ भगवान बुद्ध की नैतिक शिक्षाओं का संग्रह है, जो पालि भाषा के सुत्तपिटक के खुद्दक निकाय का हिस्सा है। इसमें 423 गाथाएं हैं जो जीवन के विभिन्न पहलुओं, जैसे कि क्रोध, मन, अहिंसा और आत्म-नियंत्रण पर प्रकाश डालती हैं। आचार्य परमानन्दन शास्त्री का भाष्य इन गाथाओं के गहरे अर्थ को सरल हिंदी में समझाता है, जिससे पाठक बुद्ध के कालातीत उपदेशों को आसानी से अपने जीवन में उतार सकते हैं।
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